धूप और धूल में काम आए
हर स्क्रीन भट्टे के मैदान, तेज़ धूप और कमज़ोर नेटवर्क को सोचकर बनी है।
हमारी कहानी
देश के ज़्यादातर ईंट-भट्टे आज भी कॉपी, पर्चियों और दिन भर के फ़ोन कॉल पर चलते हैं। कल कितनी पथाई हुई, कितना माल निकला, किस ग्राहक पर कितना बाकी है — यह पता करने में ही मालिक का आधा दिन चला जाता है।
भट्टा एक्सपर्ट इसी रोज़ के काम — पथाई, भराई, निकासी, छँटाई, मज़दूरी, बिक्री और पैसा — को एक ऐप में जोड़ता है। हर सुविधा हम भट्टा मालिकों, मुनीमों और ठेकेदारों से सीखकर बनाते हैं, और कसौटी एक ही है: क्या इससे भट्टे पर किसी का दिन आसान होता है?

हर स्क्रीन भट्टे के मैदान, तेज़ धूप और कमज़ोर नेटवर्क को सोचकर बनी है।
हिंदी पहले — ताकि मुनीम और मैनेजर बेझिझक इस्तेमाल करें।
हर एंट्री का रिकॉर्ड, भारत में सर्वर, और डेटा पर पूरा हक़ आपका।